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कोर कमेटी का सदस्य

 

रजनी कान्त दुबे

राष्ट्रीय अध्यक्ष

मेरा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि समाज को बदलना है, केवल एक आदमी के सोचने से दुनिया नही बदलती, सभी को अपनी सोच बदलनी होगी, लेकिन शुरुआत एक आदमी से ही होती है। मेरा मानना है कि देश में अखंडता, समान अधिकार, समान अवसर, समान न्याय, समान प्रतिनिधित्व, सभी के लिए समान कानून, कोई जातिगत, धर्मगत ,लिंग, स्तर आदि का भेदभाव समाज में नहीं होना चाहिए।

रजनीकान्त दुबे इनका उपनाम अर्जुन पंडित व विनय भी हैं यह समाज सेवक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं इनका जन्म 1 जुलाई  1972 में ग्राम-पोस्ट-भैरोपुर-थाना मधुबन,जनपद-मऊ उत्तर प्रदेश में हुआ हैं इनका उपनाम अर्जुन पंडित और विनय भी हैं।

इनका विवाह 20-2-1995 को कुसुम दुबे निवासी-ग्राम-विश्वनाथ पुर, पोस्ट-विश्वनाथ पुर, नगरा-जनपद बलिया उत्तर प्रदेश के साथ हुआ हैं जो कि एक समाज सेविका हैं रजनीकान्त दुबे की कोई अपनी संतान नहीं हैं ये एक कन्या आराधना पाण्डेय को अपनी पुत्री मानते हैं जिसका विवाह इन्होंने जनपद – गाजीपुर – उत्तर प्रदेश में किया जो कि आज आराधना मिश्रा के नाम से जानी पहचानी जाती हैं।

इनकी सम्पूर्ण शिक्षा जनपद- लखनऊ-उत्तर प्रदेश के सिटी मान्टेसरी,लखनऊ पब्लिक स्कूल,गाँधी विद्यालय हायर सेकेंडरी स्कूल,लाला रामकुमार इंटर कालेज जनपद बाराबंकी से हुयीं,इन्होंने वर्ष 1992 में बप्पा श्री नारायण डिग्री कालेज लखनऊ से राजनीति शास्त्र में (स्नातक) की डिग्री तथा वर्ष 1996 में जयनारायण डिग्री कालेज लखनऊ से( विधि स्नातक)की डिग्री को प्राप्त किया। यह पेशे से अधिवक्ता हैं छात्र जीवन से ही यह राजनीति में सक्रिय रहें।

यह के.के.वी.डिग्री कालेज चारबाग लखनऊ और अधिवक्ताओं की संस्था लखनऊ बार एशोसियसन लखनऊ के कार्यकारिणी सदस्य और वरिष्ठ सयुक्त मंत्री भी रह चुके हैं
यह वर्ष 2004 के स्नातक विधान परिषद और वर्ष 2017 के विधानसभा सभा चुनाव में लखनऊ की कैन्ट विधानसभा क्षेत्र से विधान सभा सदस्य के चुनाव में अपनी पराजय का भी सामना कर चुके हैं।

वर्ष-2010 में राजनैतिक रंजिश के चलते इनकी हत्या करा देने की नियत से मेरे ऊपर पहला जानलेवा हमला लखनऊ में अज्ञात लोगों द्वारा कराया गया पुनः वर्ष- 2016 में पुनः इनकी दो बार दुर्घटना कराकर हत्या कराने का प्रयास अज्ञात लोगों द्वारा कराया गया तीनों बार के हुए जानलेवा हमलों में यह बाल-बाल बच गये।वर्ष 2016 में लखनऊ कचहरी के एक आपराधिक मामले में इनके खिलाफ डकैतीऔर हत्या के प्रयास का एक मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें पुलिस ने जांच में इनको निर्दोष पाया।

इनकी समाजिक छवि छात्रों व अधिवक्ताओं तथा समाज के बीच अंत्यन्त ही लोकप्रिय नेता के रूप में लगातार बनीं हुयीं हैं अपनी इसी लोकप्रियता के चलते यह”समाज सेवक पार्टी”के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

कुसुम दुबे

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

गरीबों ,शिक्षितों ,बेरोजगारों को रोटी, कपड़ा मकान व रोजगार दिलाने आयी हूँ, सभी को आर्थिक संपन्न व अपराध मुक्त बनाने आयी हूँ। हाँ मैं आजाद हिन्दुस्तान लिखने आयी हूँ।

कुसुम दुबे का जन्म 1 जुलाई 1976 को ग्राम-पोस्ट-विश्वनाथपुर-थाना-नगरा-जिला-बलिया-उत्तर प्रदेश में पिता स्व•श्री जगरनाथ पाण्डेय व माता श्रीमती अमरावती पाण्डेय के यहाँ हुआ हैं।

इनके पिता उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग के थाना प्रभारी पद से सेवानिवृत्त कर्मी रहे हैं यह अपने माता पिता की सबसे छोटी पुत्री हैं इनके गांव से विद्यालय की दूरी अधिक होने के चलते इनकी शिक्षा हाईस्कूल तक ही हैं इनकी रूचि शुरू से ही गरीबों,मजदूरों और किसानों की सहायता करने व समाज की सेवा करने के साथ ही राजनीति में थीं जिसमें यह बराबर सक्रिय रहती हैं।

इनका विवाह 20 फरवरी 1995 को श्री रजनीकान्त दुबे  जनपद -मऊ उत्तर प्रदेश के साथ हुआ जो कि जनपद- लखनऊ-उत्तर प्रदेश में रेलवे विभाग की ठेकेदारी का कार्य करते थें विवाह के बाद यह अपने पति के साथ जनपद-लखनऊ में आकर उनके साथ रहनें लगी इनके पति विधि स्नातक हैं इनकी लोकप्रियता समाज में उनके मृदुभाषी,सरल स्वभाव तथा सुयोग्य संस्कारों के चलते बहुत ही बेहतरीन बनीं हुयीं हैं।

छविनाथ दुबे

राष्ट्रीय महासचिव

मेरा लक्ष्य मजदूरों, केन्द्रीय कर्मचारियों, राज्य कर्मचारियों, प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों को समस्या व दबाव विहीन बना देना हैं, जिससे वह निष्पक्ष रूप से जनहित में कार्य कर सकें, इस लक्ष्य को पूरा करने में, यदि मेरी जान भी चली जाती है, तो मेरे खून का एक-एक कतरा मेरे इस लक्ष्य को पूरा करेगा।

छबिनाथ दुबे का जन्म-30-11-1947 को ग्राम-भैरोपुर,पोस्ट भैरोपुर-जनपद-मऊ-उत्तर प्रदेश में पिता शिवमूरत दुबे ऊर्फ राममूरत तथा माता गुजराती देवी के यहाँ हुआ इनका उपनाम सी•एन•दुबे हैं,यह अपने चार भाईयों व तीन बहनों में अपने माता पिता के सबसे बड़े पुत्र हैं।

इनकी शिक्षा इंटरमीडिएट तक हैं इनका विवाह दुर्गावती देवी निवासी-ग्राम-पुरमोती,जनपद- मऊ- उत्तर प्रदेश के साथ हुआ इनके चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं इनके पिता एक किसान थें जिन्होने बाद में जनपद-लखनऊ,उत्तर प्रदेश में “मेसर्स दुबे कांन्सट्रक्शन कम्पनी” के नाम से एक फर्म खोली जो कि  उत्तर रेलवे बिभाग में ठेकेदारी के कार्यो को करतीं थीं।

उनके व उनकी पत्नी श्रीमती गुजराती देवी के बाद”मेसर्स दुबे कांन्सट्रक्शन कम्पनी”के कार्यो को छबिनाथ दुबे के सबसे बड़े पुत्र रजनीकान्त दुबे ने बखूबी सम्हाला और साथ ही वह  अपने पिता श्री छविनाथ दुबे के पदचिन्हों पर चलकर  छात्रों,अधिवक्ताओं तथा सामाजिक राजनीति में सक्रिय रहने के साथ ही  गरीबों की सहायता करने में भी सक्रिय रहें बाद में ये एक गरीब मजदूर की मदद करने के लिए वह जनपद लखनऊ की न्यायालय में वकालत करने लगे।

छबिनाथ दुबे ऊर्फ सी•एन•दुबे उत्तर रेलवे बिभाग में कार्यलय अधीक्षक के पद पर बृजवर्क शाप चारबाग लखनऊ उत्तर प्रदेश कार्यरत थें साथ ही वह”उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन”के “केंद्रीय उपाध्यक्ष”भी रहे वह रेलवे के मजदूरों के मसीहा मानें जातें थें वर्ष 2009 में वह जनपद लखनऊ के बृजवर्क शाप से कार्यालय अधीक्षक के पद से ही सेवानिवृत्त हुए उसके बाद भी वह “उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन”के”केंद्रीय उपाध्यक्ष”पद पर रहे बाद में अधिक आयु के चलतें उन्होंने अपने”केंद्रीय उपाध्यक्ष” के पद से परित्याग कर दिया।

आज भी उनकी लोकप्रियता रेलवे के मजदूरों वैसी ही बनीं हुयीं हैं अपने पिता के सपनो को पूरा करने लिए छबिनाथ दुबे ऊर्फ सी•एन•दुबे के बड़े पुत्र रजनीकान्त दुबे ने वर्ष 2016 “समाज सेवक पार्टी”का गठन किया जिसमें छबिनाथ दुबे ऊर्फ सी•एन•दुबे अपनी सामाजिक लोकप्रियता के चलते एक मार्गदर्शक के रूप में “समाज सेवक पार्टी” के”राष्ट्रीय महासचिव” के पद पर आसीन हैं।

जितेंद्र कुमार रावत

राष्ट्रीय सचिव

मजहब के नाम पर न हो लड़ाई, जाति- धर्म के नाम पर ना हो खाई। सभी मिल-जुलकर रहें भाई-भाई, जाति-धर्म से ऊपर उठने का इम्तहान लिखने आया हूँ, हाँ मैं आजाद हिन्दुस्तान लिखने आया हूँ।

जितेन्द्र कुमार रावत का जन्म 12-12-1983 को जनपद लखनऊ में पिता श्री शत्रोहन रावत और माता श्रीमती मीरा देवी के यहाँ हुआ इनका उपनाम बबलू हैं इनकी सम्पूर्ण शिक्षा जनपद लखनऊ उत्तर प्रदेश में हुयी यही विधि स्नातक हैं इनका पेशा वकालत हैं इनका विवाह वर्ष 2014 में मीना गूजर से जनपद-लखनऊ-उत्तर प्रदेश से हुआ हैं इनकी एक पुत्री हैं।

इनकी शुरू से ही रूचि गरीबों और असहाय जनों की संम्भव सहायता,समाज के हर वर्ग की सेवा तथा राजनीति में थी, जिसमें यह बराबर सक्रिय भी रहते हैं अन्याय इनको सहन नहीं होता अन्याय के खिलाफ यह किसी से भी लड़ने को सदैव तत्पर रहते हैं समाज में इनकी कुशल व्यवहार व समाज सेवा के चलते इनकी लोकप्रियता बराबर बनीं हुयीं हैं।

बबिता जैन

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

भूखें, गरीबों, अनाथों, बेरोजगारों और अपराध से पिड़ितों महिलाओं की दास्तान मिटानें आयी हूँ। हाँ मैं आजाद हिन्दुस्तान लिखने आयी हूँ।

बबिता जैन का जन्म दिनांक 9-10-1971 को जनपद-इंदौर-मध्य प्रदेश में पिता अजित कुमार छादेड माता सुभद्रा छादेड के यहाँ हुआ,इनका विवाह दिनांक 16-2-1994 को योगेन्द्र कुमार जैन पुत्र ब्रजलाल जैन जनपद-लखनऊ उत्तर प्रदेश के साथ हुआ है इनकी शिक्षा एम•काम•हैं इनकी दो संतानें हैं जिसमें एक पुत्र हैं और एक पुत्री हैं इनकी रूचि बचपन से ही गरीबों की सहायता करने में थीं और आज भी है साथ ही यह राजनीति में भी यह सक्रिय रहतीं हैं अपने मधुर व्यहार के चलते यह समाज में लोकप्रिय हैं।